बराबरी का संबंध आपको स्वीकार करना होगा। अन्यथा आपको यह स्वीकार करना होगा कि बंदीवान समझकर मेरे मुंह पर ताला ठोंककर मेरे राष्ट्र के इतिहास से संबंधित एकपक्षीय तथा अपमानजनक उल्लेख करना निंदनीय तथा कायरतापूर्ण कृत्य है।’’ बारी साहब ने कहा,‘‘ नहीं-नहीं, मैं आपसे पहले भी कह चुका हूं कि मैं यहां एक हितैषी के नाते खड़ा हूं। आप जो चाहे चर्चा कीजिए।’’ ‘‘तो फिर’’, मैंने उत्तर दिया, ‘‘मैं खुलकर अपनी राय प्रस्तुत करता हूं। मैं जानता हूं,
बराबरी का संबंध आपको स्वीकार करना होगा। अन्यथा आपको यह स्वीकार करना होगा कि बंदीवान समझकर मेरे मुंह पर ताला ठोंककर मेरे राष्ट्र के इतिहास से संबंधित एकपक्षीय तथा अपमानजनक उल्लेख करना निंदनीय तथा कायरतापूर्ण कृत्य है।’’ बारी साहब ने कहा,‘‘ नहीं-नहीं, मैं आपसे पहले भी कह चुका हूं कि मैं यहां एक हितैषी के नाते खड़ा हूं। आप जो चाहे चर्चा कीजिए।’’ ‘‘तो फिर’’, मैंने उत्तर दिया, ‘‘मैं खुलकर अपनी राय प्रस्तुत करता हूं। मैं जानता हूं,