मेरा आजीवन कारावास - Mera Aajivan Karavas

मेरे विचार आपको प्रक्षोभक, तीखे, उग्र प्रतीत होंगे और हो सकता है, इस चर्चा का उद्देश्य भी यही आजमाना हो कि वे वैसे हैं या नहीं। परंतु मुझे उन्हें छिपाने की कभी आवश्यकता प्रतीत नहीं हुई। ये ऐतिहासिक प्रश्न हैं। और यदि इनके कारण मुझे कष्ट, अत्याचार सहने पड़ें तो भी उनके भय से मैं अपने राष्ट्र के इतिहास का और प्रमुख भूमिकाओं का अपमान


चुपचाप सूनना भीरूता, कापुरूषता समझता हूं। आपने नाना साहब संबंधी जो दंतकथा सुनाई, उसकी


341 of 2228

मेरे विचार आपको प्रक्षोभक, तीखे, उग्र प्रतीत होंगे और हो सकता है, इस चर्चा का उद्देश्य भी यही आजमाना हो कि वे वैसे हैं या नहीं। परंतु मुझे उन्हें छिपाने की कभी आवश्यकता प्रतीत नहीं हुई। ये ऐतिहासिक प्रश्न हैं। और यदि इनके कारण मुझे कष्ट, अत्याचार सहने पड़ें तो भी उनके भय से मैं अपने राष्ट्र के इतिहास का और प्रमुख भूमिकाओं का अपमान


चुपचाप सूनना भीरूता, कापुरूषता समझता हूं। आपने नाना साहब संबंधी जो दंतकथा सुनाई, उसकी


341 of 2228