जिनका इस तरह के कष्ट न सह सकने के कारण अधःपतन हो गया था, उनकी भी पिछली सेवा, देशभक्ति और स्वार्थतयाग जैसे सद्गुणों का विस्मरण करना मुझे अन्याय प्रतीत होता था। यहां पर यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि इस कथ्य के ये अथवा अन्य विचार भावना के रूप में मैं नहीं बतार रहा, मैं यह कथ्य कथन कर रहा हूं कि क्रमशः उस प्रसंगानुरूप मुझे क्या प्रतीत हुआ और मुझे क्या करना पड़ा। मैं तो केवल इतिहास का ही वर्णन कर रहा हूं। मैंने इसकी चर्चा तो
जिनका इस तरह के कष्ट न सह सकने के कारण अधःपतन हो गया था, उनकी भी पिछली सेवा, देशभक्ति और स्वार्थतयाग जैसे सद्गुणों का विस्मरण करना मुझे अन्याय प्रतीत होता था। यहां पर यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि इस कथ्य के ये अथवा अन्य विचार भावना के रूप में मैं नहीं बतार रहा, मैं यह कथ्य कथन कर रहा हूं कि क्रमशः उस प्रसंगानुरूप मुझे क्या प्रतीत हुआ और मुझे क्या करना पड़ा। मैं तो केवल इतिहास का ही वर्णन कर रहा हूं। मैंने इसकी चर्चा तो