बिलकुल नहीं की कि उसके संबंध में मुझे क्या प्रतीत हुआ और जो हुआ सो अच्छा हुआ या बुरा। यह चर्चा करने का प्रस्तुत स्ािल पर हेतू भी नहीं है। वह प्रश्न सर्वथा स्वतंत्र रखकर पाठक इन स्मृतियों को पढ़ लें- इस तरह सावधानी की सूचना पुनः एक बार देना मैं अपना कर्तव्य समझता हूं।
गुप्तचरों का काम
बंगाली राज्य-क्रांतिकारियों में से कुछ प्रमुख व्यक्तियों को जब कष्ट झेलना असंभव हो गया तब उन्होंने सोचा, जैसे-जैसे संकटों का बेड़ा पार
बिलकुल नहीं की कि उसके संबंध में मुझे क्या प्रतीत हुआ और जो हुआ सो अच्छा हुआ या बुरा। यह चर्चा करने का प्रस्तुत स्ािल पर हेतू भी नहीं है। वह प्रश्न सर्वथा स्वतंत्र रखकर पाठक इन स्मृतियों को पढ़ लें- इस तरह सावधानी की सूचना पुनः एक बार देना मैं अपना कर्तव्य समझता हूं।
गुप्तचरों का काम
बंगाली राज्य-क्रांतिकारियों में से कुछ प्रमुख व्यक्तियों को जब कष्ट झेलना असंभव हो गया तब उन्होंने सोचा, जैसे-जैसे संकटों का बेड़ा पार