कर लें और इस आत्मरक्षात्मक बुद्वि के कारण अपने साथियों, अनुयायियों और इतना ही नहीं, मेरे जैसे केवल कारावास में ही प्रत्यक्ष परिचित हुए व्यक्तियों की गतिविधियों तथा वार्त्तालाप की भी गुप्त सूचना अंगे्रज अधिकारियों को देते समय उन्हांेने आगे-पीछे नहीं देखा। यह बात सत्य होने पर भी, उसके बारे में सोचते समय हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि उन्हें उतनी ही घोर यंत्रनाएं, अवहेलना तथा भयंकर शारीरिक कष्ट झेलने पड़े, जिससे वे इस मनोदशा
कर लें और इस आत्मरक्षात्मक बुद्वि के कारण अपने साथियों, अनुयायियों और इतना ही नहीं, मेरे जैसे केवल कारावास में ही प्रत्यक्ष परिचित हुए व्यक्तियों की गतिविधियों तथा वार्त्तालाप की भी गुप्त सूचना अंगे्रज अधिकारियों को देते समय उन्हांेने आगे-पीछे नहीं देखा। यह बात सत्य होने पर भी, उसके बारे में सोचते समय हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि उन्हें उतनी ही घोर यंत्रनाएं, अवहेलना तथा भयंकर शारीरिक कष्ट झेलने पड़े, जिससे वे इस मनोदशा