मेरा आजीवन कारावास - Mera Aajivan Karavas

स्वयं ही अपना हाथ चलाने लगे और निकट बैठे हुए बंदी को बस यूं ही यह कहते हुए कि ‘नारियल खा रहा था साला! देखो, मुंह देखूं तो’ एक करारी थप्पड़ रसीद की। नारियल खाने के अपराध में उस बंदी को झापड़ लगाने का कार्य समाप्त होते ही उन्हें प्रतीत हुआ कि सर्वत्र अनुकूल वातावरण निर्मित हो गया है, क्यांेकि अब किसी से भी दही नारियल की मांग करने पर, जो वहां नारियलों में सर्वोत्तम समझा जाता है, कोई माई का लाल डर के मारे ‘ना-नु’ नहीं कर सकता


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स्वयं ही अपना हाथ चलाने लगे और निकट बैठे हुए बंदी को बस यूं ही यह कहते हुए कि ‘नारियल खा रहा था साला! देखो, मुंह देखूं तो’ एक करारी थप्पड़ रसीद की। नारियल खाने के अपराध में उस बंदी को झापड़ लगाने का कार्य समाप्त होते ही उन्हें प्रतीत हुआ कि सर्वत्र अनुकूल वातावरण निर्मित हो गया है, क्यांेकि अब किसी से भी दही नारियल की मांग करने पर, जो वहां नारियलों में सर्वोत्तम समझा जाता है, कोई माई का लाल डर के मारे ‘ना-नु’ नहीं कर सकता


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