साला काफिर’ बड़बड़ाते हुए क्रोध से लाल-पीला होकर पठान उसकी धुनाई कर रहा था। अंत में न जाने क्या हुआ, वह मद्रासी एकदम आपे से बाहर हो गया और उछलकर उसने उसे उठाकर धड़ाम से धरती पर पटक दिया और उसकी छाती पर घुटना गाड़कर तड़ातड़ तमाचों-पर-तमाचे लगाने लगा। पठान वाॅर्डर के उस तरफ आने के कारण उसका मित्र पेटी अफसर भी उस तरफ आकर दूर ओट में बैठकर नमाज पढ़ रहा था। सारे बंदी, जो उस वाॅर्डर के अत्याचारों से ऊब चुके थे, कुछ अधिक हंगामा न करते
साला काफिर’ बड़बड़ाते हुए क्रोध से लाल-पीला होकर पठान उसकी धुनाई कर रहा था। अंत में न जाने क्या हुआ, वह मद्रासी एकदम आपे से बाहर हो गया और उछलकर उसने उसे उठाकर धड़ाम से धरती पर पटक दिया और उसकी छाती पर घुटना गाड़कर तड़ातड़ तमाचों-पर-तमाचे लगाने लगा। पठान वाॅर्डर के उस तरफ आने के कारण उसका मित्र पेटी अफसर भी उस तरफ आकर दूर ओट में बैठकर नमाज पढ़ रहा था। सारे बंदी, जो उस वाॅर्डर के अत्याचारों से ऊब चुके थे, कुछ अधिक हंगामा न करते