बदमाशों में महाबदमाशों को ‘डी’ अर्थात् ‘डेंजरस(भयंकर) अर्थ का अक्षर खोदकर कपड़ों पर लगाने के लिए हमें एक बिल्ला दिया जाता, तथापि प्रथम दिवस से अंतिम दिन तक बंदीगृह में मुझे सभी ‘बड़े बाबू’ नाम से ही संबोधित करते रहे। और तो और स्वयं बारी साहब भी गलती से कई बार कहते, ‘ऐ हवलदार, जाओ उस सात नंबर के बड़े बाबू को बुलाओ।’ उसी तरह जैसे-जैसे हमारे उपदेश से बंदियों की समझ में राजनीतिक आंदोलन के मर्म का परिचय होता गया वैसे-वैसे वे
बदमाशों में महाबदमाशों को ‘डी’ अर्थात् ‘डेंजरस(भयंकर) अर्थ का अक्षर खोदकर कपड़ों पर लगाने के लिए हमें एक बिल्ला दिया जाता, तथापि प्रथम दिवस से अंतिम दिन तक बंदीगृह में मुझे सभी ‘बड़े बाबू’ नाम से ही संबोधित करते रहे। और तो और स्वयं बारी साहब भी गलती से कई बार कहते, ‘ऐ हवलदार, जाओ उस सात नंबर के बड़े बाबू को बुलाओ।’ उसी तरह जैसे-जैसे हमारे उपदेश से बंदियों की समझ में राजनीतिक आंदोलन के मर्म का परिचय होता गया वैसे-वैसे वे