मेरा आजीवन कारावास - Mera Aajivan Karavas

दिखाने के लिए कि मुझे ये श्रंखलाएं कतई भारी नहीं लगतीं, चलते समय मैं हेतुपूर्वक उन्हें खनकाते हुए जेल के भीतर लौट आया। परंतु मेरा मन? अभी-अभी मैंने उन्हें जिन शब्दों का उपदेश दिया था, उन्हीं का मन-ही-मन जोर से उच्चारण किया-मन को डांट पिलाई और जिस तरह किसी बछड़े को खींचकर लाया जाता है, उसी तरह मन को खींचकर विवेक के खूंटे से बांध दिया। ऐसा प्रतीत हो रहा था, मेरी संपूर्ण शक्ति निचुड़ गई है। कोठरी में बंद करके हवलदार के जाते


71 of 2228

दिखाने के लिए कि मुझे ये श्रंखलाएं कतई भारी नहीं लगतीं, चलते समय मैं हेतुपूर्वक उन्हें खनकाते हुए जेल के भीतर लौट आया। परंतु मेरा मन? अभी-अभी मैंने उन्हें जिन शब्दों का उपदेश दिया था, उन्हीं का मन-ही-मन जोर से उच्चारण किया-मन को डांट पिलाई और जिस तरह किसी बछड़े को खींचकर लाया जाता है, उसी तरह मन को खींचकर विवेक के खूंटे से बांध दिया। ऐसा प्रतीत हो रहा था, मेरी संपूर्ण शक्ति निचुड़ गई है। कोठरी में बंद करके हवलदार के जाते


71 of 2228