तेजसिंह – (हँस कर) ‘तुम लोगों को छोड़ना बड़े संगदिल का काम है, जब तक तुम जीते रहोगे हजारों की जानें लोगे, इससे बेहतर है कि तुम्हारी छुट्टी कर दी जाए। जितनी तकलीफ दे कर तुम लोगों की जान ली जाएगी, उतना ही डर तुम्हारे शैतान भाइयों को होगा।’
डाकू – ‘तो क्या अब किसी तरह हमारी जान नहीं बच सकती?’
तेजसिंह – ‘सिर्फ एक तरह से बच सकती है।’
डाकू – ‘कैसे?’
तेजसिंह – ‘अगर अपने साथियों का हाल ठीक-ठीक कह दो तो अभी छोड़ दिए जाओगे।’
तेजसिंह – (हँस कर) ‘तुम लोगों को छोड़ना बड़े संगदिल का काम है, जब तक तुम जीते रहोगे हजारों की जानें लोगे, इससे बेहतर है कि तुम्हारी छुट्टी कर दी जाए। जितनी तकलीफ दे कर तुम लोगों की जान ली जाएगी, उतना ही डर तुम्हारे शैतान भाइयों को होगा।’
डाकू – ‘तो क्या अब किसी तरह हमारी जान नहीं बच सकती?’
तेजसिंह – ‘सिर्फ एक तरह से बच सकती है।’
डाकू – ‘कैसे?’
तेजसिंह – ‘अगर अपने साथियों का हाल ठीक-ठीक कह दो तो अभी छोड़ दिए जाओगे।’