के मेरा साथ देने वाला वहां कोई नहीं है। जब मैं अपने दुश्मनों की चालाकी और कार्यवाई देख कर लौटूं तब आपके चलने के बारें में राय दूँ। कहीं ऐसा न हो कि बिना समझे बूझे काम करके हमलोग वहां ही गिरफ्तार हो जायं।”
वीरेन्द्र – जो मुनासिब समझो करो, मुझको तो सिर्फ़ अपनी ताकत का भरोसा है लेकिन तुमको अपनी ताकत और ऐयारी दोनों का।
तेजसिंह – मुझे यह भी पता लगा है कि हाल ही में क्रूरसिंह के दोनों ऐयार नाजिंम और अहमद यहां आकर पुन: हमारे
के मेरा साथ देने वाला वहां कोई नहीं है। जब मैं अपने दुश्मनों की चालाकी और कार्यवाई देख कर लौटूं तब आपके चलने के बारें में राय दूँ। कहीं ऐसा न हो कि बिना समझे बूझे काम करके हमलोग वहां ही गिरफ्तार हो जायं।”
वीरेन्द्र – जो मुनासिब समझो करो, मुझको तो सिर्फ़ अपनी ताकत का भरोसा है लेकिन तुमको अपनी ताकत और ऐयारी दोनों का।
तेजसिंह – मुझे यह भी पता लगा है कि हाल ही में क्रूरसिंह के दोनों ऐयार नाजिंम और अहमद यहां आकर पुन: हमारे