चन्द्रकान्ता - Chandrakanta

महाराज का दर्शन कर गये हैं। न मालूम किस चालाकी में आये थे? अफसोस उस वक्त मैं यहां न था।

वीरेन्द्र – मुश्किल तो यह है कि तुम क्रूरसिंह के दोनों ऐयारों को फंसाया चाहते हो और वे लोग तुम्हारी गिरफ्तारी की फिक्र में हैं, परमेश्वर ही कुशल करे। खैर अब तुम जाओ और जिस तरह बने चन्द्रकान्ता से मेरी मुलाकात का बन्दोबस्त करो।

तेजसिंह फौरन उठ खड़े हुए और वीरेन्द्रसिंह को वहीं छोड़ पैदल विजयगढ़ की तरफ रवाना हुए। वीरेन्द्रसिंह भी घोड़े


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महाराज का दर्शन कर गये हैं। न मालूम किस चालाकी में आये थे? अफसोस उस वक्त मैं यहां न था।

वीरेन्द्र – मुश्किल तो यह है कि तुम क्रूरसिंह के दोनों ऐयारों को फंसाया चाहते हो और वे लोग तुम्हारी गिरफ्तारी की फिक्र में हैं, परमेश्वर ही कुशल करे। खैर अब तुम जाओ और जिस तरह बने चन्द्रकान्ता से मेरी मुलाकात का बन्दोबस्त करो।

तेजसिंह फौरन उठ खड़े हुए और वीरेन्द्रसिंह को वहीं छोड़ पैदल विजयगढ़ की तरफ रवाना हुए। वीरेन्द्रसिंह भी घोड़े


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