कुमार के साथ ही मैं भी घबरा गया था। हकीकत में ये दोनों लाशें मर्दों की हैं, औरतों की नहीं।
योगी : ऐयारों से ऐसी भूल का होना कितने शर्म की बात है। इस ज़रा-सी भूल से कुमार की जान जा चुकी थी। (उँगली से इशारा करके) देखो उस तरफ उन दोनों पहाड़ियों के बीच में इतना कहना बहुत है, क्योंकि तुम इस तहखाने का हाल जानते हो, अपने उस्ताद से सुन चुके हो।
तेज़सिंह ने उस तरफ देखा, साथ ही टकटकी बंध गयी। कुमार भी उस तरफ घूमे मगर उनको न पाया,
कुमार के साथ ही मैं भी घबरा गया था। हकीकत में ये दोनों लाशें मर्दों की हैं, औरतों की नहीं।
योगी : ऐयारों से ऐसी भूल का होना कितने शर्म की बात है। इस ज़रा-सी भूल से कुमार की जान जा चुकी थी। (उँगली से इशारा करके) देखो उस तरफ उन दोनों पहाड़ियों के बीच में इतना कहना बहुत है, क्योंकि तुम इस तहखाने का हाल जानते हो, अपने उस्ताद से सुन चुके हो।
तेज़सिंह ने उस तरफ देखा, साथ ही टकटकी बंध गयी। कुमार भी उस तरफ घूमे मगर उनको न पाया,