चन्द्रकान्ता - Chandrakanta

तुम क्या देखते रहे और अब वे दोनों कहां गायब हो गये?’’

तेज़सिंह : क्या बतायें कि दोनों कहां चले गये? कुछ खुलासा हाल उनसे न मिल सका, अब बहुत कठिन प्रयास करना पड़ेगा।

वीरेन्द्रसिंह : आखिर तुम उस तरफ क्या देखने लगे थे?

तेज़सिंह : हम क्या देखते थे इस हाल के कहने में बड़ी देर लगेगी, और अब यहां इन मुर्दों की बदबू से रुका नहीं जाता। इन्हें इसी जगह छोड़ इस तिलिस्म से बाहर चलिये, वहां जो कुछ हाल है, कहूंगा। मगर यहां से चलने के पहले उसे देख लीजिये,


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तुम क्या देखते रहे और अब वे दोनों कहां गायब हो गये?’’

तेज़सिंह : क्या बतायें कि दोनों कहां चले गये? कुछ खुलासा हाल उनसे न मिल सका, अब बहुत कठिन प्रयास करना पड़ेगा।

वीरेन्द्रसिंह : आखिर तुम उस तरफ क्या देखने लगे थे?

तेज़सिंह : हम क्या देखते थे इस हाल के कहने में बड़ी देर लगेगी, और अब यहां इन मुर्दों की बदबू से रुका नहीं जाता। इन्हें इसी जगह छोड़ इस तिलिस्म से बाहर चलिये, वहां जो कुछ हाल है, कहूंगा। मगर यहां से चलने के पहले उसे देख लीजिये,


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