तरफ कूच किया और वहां पहुंच कर अपने पिता से मुलाकात की। राजा सुरेन्द्रसिंह के इशारे पर जीतसिंह ने रात को एकान्त में तिलिस्म का हाल कुंवर वीरेन्द्रसिंह से पूछा। उसके जवाब में जो कुछ ठीक-ठीक हाल था, कुमार ने उनसे कहा।
जीतसिंह ने उसी जगह तेज़सिंह को बुलवा कर कहा, ‘‘तुम दोनों ऐयार कुमार को साथ लेकर खोह में जाओ और उस छोटे तिलिस्म को कुमार के हाथ से फतह करवाओ जिसका हाल तुम्हारे उस्ताद ने तुमसे कहा था। जो कुछ हुआ है सब इसी बीच
तरफ कूच किया और वहां पहुंच कर अपने पिता से मुलाकात की। राजा सुरेन्द्रसिंह के इशारे पर जीतसिंह ने रात को एकान्त में तिलिस्म का हाल कुंवर वीरेन्द्रसिंह से पूछा। उसके जवाब में जो कुछ ठीक-ठीक हाल था, कुमार ने उनसे कहा।
जीतसिंह ने उसी जगह तेज़सिंह को बुलवा कर कहा, ‘‘तुम दोनों ऐयार कुमार को साथ लेकर खोह में जाओ और उस छोटे तिलिस्म को कुमार के हाथ से फतह करवाओ जिसका हाल तुम्हारे उस्ताद ने तुमसे कहा था। जो कुछ हुआ है सब इसी बीच