के साथ खोह के अन्दर घूमने लगे। तेज़सिंह ने इधर-उधर के कई निशानों को देखकर कुमार से कहा, ‘‘बेशक यहां का छोटा तिलिस्म तोड़ कोई खज़ाना ले गया। ज़रूर कुमारी चन्द्रकान्ता को भी उसी ने क़ैद किया होगा। मैंने अपने उस्ताद की जुबानी सुना था कि इस खोह में कई इमारतें और बाग देखने, रहने लायक हैं। शायद वह चोर इन्हीं में कहीं मिल जाये, ताज्जुब नहीं।’’
कुमार : तब जहां तक हो सके, काम में जल्दी करनी चाहिए।
तेज़सिंह : बस हमारे साथ चलिए, अभी से काम शुरू हो जाये।
के साथ खोह के अन्दर घूमने लगे। तेज़सिंह ने इधर-उधर के कई निशानों को देखकर कुमार से कहा, ‘‘बेशक यहां का छोटा तिलिस्म तोड़ कोई खज़ाना ले गया। ज़रूर कुमारी चन्द्रकान्ता को भी उसी ने क़ैद किया होगा। मैंने अपने उस्ताद की जुबानी सुना था कि इस खोह में कई इमारतें और बाग देखने, रहने लायक हैं। शायद वह चोर इन्हीं में कहीं मिल जाये, ताज्जुब नहीं।’’
कुमार : तब जहां तक हो सके, काम में जल्दी करनी चाहिए।
तेज़सिंह : बस हमारे साथ चलिए, अभी से काम शुरू हो जाये।